डरावनी रात (Darawani Raat)
Read Time: 3 minutesएक साधारण-सी रात, घर लौटने के बाद हुई कुछ अजीब घटनाओं ने भवि को ऐसी उलझन में डाल दिया, जिसका जवाब आज तक नहीं मिला। आखिर उस रात उसने ऐसा क्या देखा..[…]
Read Time: 3 minutesएक साधारण-सी रात, घर लौटने के बाद हुई कुछ अजीब घटनाओं ने भवि को ऐसी उलझन में डाल दिया, जिसका जवाब आज तक नहीं मिला। आखिर उस रात उसने ऐसा क्या देखा..[…]
Read Time: 7 minutesअसम जैसी जगह उन लोगों के लिए ठीक है, जिनको भूत-प्रेत में दिलचस्पी हो। असम को भारत का काला जादू की राजधानी का खिताब भी मिला है। ऐसा कहा जाता है कि बहुत पहले दूर-दूर से लोग यहाँ काला जादू सिखने आते थे। असम में यह भी..[…]
Read Time: 9 minutesकुछ जगहें ऐसी होती हैं, जिनके बारे में लोग कहते हैं कि वहाँ रात के बाद नहीं जाना चाहिए। पुरानी हवेलियाँ, सुनसान रास्ते और अधूरी कहानियाँ—सब मिलकर डर की एक अलग दुनिया बना देती हैं। यह कहानी दो लड़कियों, रिया और अनन्या की है, जो एक ऐसी ही हवेली के रहस्य को जानने..[…]
Read Time: 9 minutesयह कहानी जब पहली बार सुनाई गई थी तो इसने चारों ओर हलचल मचा दी थी। यह अख़बारों में भी छपी और कई बड़े वैज्ञानिकों और प्राकृतिक दार्शनिकों (प्रकृति और विज्ञान को समझने वाले विद्वान) ने, कम से कम उन्हें ऐसा लगा, कि वे इस अजीब घटना को समझा सकते हैं। मतलब कि बड़े-बड़े विद्वान भी इसे..[…]
Read Time: 4 minutesइस कहानी में, आपको पढ़ने को मिलेगा एक लड़के की आत्मा के बारे में जो एक इत्र बनाने की फैक्ट्री में काम करता था और कैसे उसकी आत्मा एक जय नाम के लड़के के पीछे लग जाती है..[…]
Read Time: 3 minutesयह कहानी एक ऐसी लड़की की है जो भूत-प्रेतों को महसूस कर सकती है और उसके जीवन में दो ऐसे भूतिया हादसे होते है जिन्हें आप इस कहानी के माध्यम से पढ़ सकते है। यह कहानी गुस्सैल आत्माओं पर आधारित है..[…]
Read Time: 5 minutesयह कहानी एक हॉस्पिटल में काम करने वाली एक नर्स की है जिसे एक बीमार मरीज की देखभाल करते समय सफ़ेद कपडे पहने एक आत्मा नजर आती है। यह कहानी नर्स और मरीज के बीच में होने वाले निस्वार्थ सेवा को भी दर्शाती है पर एक डरावने तरीके में.[…]
Read Time: 3 minutesअसम अपने घनी वादियों, हरियाली और चाय की संपत्ति के लिए जाना जाता है। मगर यहाँ के रहस्यमई भूतिया किस्सों से कई लोग आज भी अनजान हैं। असम के कई गाँवों में शैतान का वास है। मानो जैसे भगवान रूठ गया है। यह बात तब की है जब मैं 12 साल की थी..[…]